STORYMIRROR

बदले जब क्षेत्र निवास आंखें हैं जलती प्रभाव हूं हृदय उत्प्रवासी प्रवास गेह मीन चुका बन जाती है मोती आप्रवासी नेह छोड़ आशा विवेकशीलता संग नियोजन अवधारणा छोड़ दी

Hindi छोड़ गेह निज Poems